अमेरिका के हमलों का भी डर नहीं !

सना: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि हूतियों पर हमले तब बंद होंगे, जब वे लाल सागर में जहाजों को निशाना बनाना बंद कर देंगे। लेकिन ऐसा लगता है कि हूतियों को अमेरिकी हमलों का कोई डर नहीं है। अमेरिकी सेना यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर बीते 15 मार्च से लगातार हवाई हमले कर रही है, लेकिन दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी हूतियों ने झुकने के कोई संकेत नहीं दिए हैं। अमेरिकी हमले शुरू होने के दो सप्ताह से अधिक समय बाद हूतियों ने दावा किया है कि उन्होंने लाल सागर में अमेरिकी युद्धपोतों पर अपने हमले जारी रखे हैं।

अमेरिकी धमकी पर अमल करने के बजाय हूतियों ने इजरायल पर अपने हमले बढ़ा दिए हैं और दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। हूती रुकने के कोई संकेत नहीं दे रहे हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि उनके पास बहुत बड़ा शस्त्रागार नहीं है और वे अमेरिकी युद्धपोतों को नुकसान पहुंचाने में सक्षम नहीं दिखते हैं। इजरायल पर दागी गई उनकी गई मिसाइलों को रोक दिया गया है।

हूतियों को अमेरिकी बमबारी अभियान से बचने के लिए कुछ करने की जरूरत नहीं है। हवाई शक्ति जंग जीतने के लिए हमेशा कारगर नहीं होती है। हूती गुफाओं और बंकरों में छिप सकते हैं। इसलिए यह साफ नहीं है कि उन्हें कैसे हराया जाएगा। इसके पहले हूतियों ने 2015 से 2022 के बीच सऊदी अरब से सफलतापूर्वक लड़ाई लड़ी है। यह दिखाता है कि ईरान समर्थित हूतियों को काबू करना आसान नहीं है।

3 अप्रैल को ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि हूतियों ने कहा कि उन्होंने क्रूज मिसाइलों और ड्रोन का उपयोग करके लाल सागर में अमेरिकी युद्धपोतों पर बड़े पैमाने पर हमला किया है, जिसमें विमानवाहक पोत यूएसएस हैरी एस ट्रूमैन भी शामिल है। हूतियों ने इसे अमेरिकी हमले का जवाब बताया है। इस बीच हूतियों ने बताया कि बुधवार को संदिग्ध अमेरिकी हवाई हमले में कम से कम छह लोग मारे गए।

हूती विद्रोहियों की ओर से मृतकों के संबंध में जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान यमन में विद्रोहियों को निशाना बनाते हुए किए गए हमलों की संख्या में वृद्धि हुई है और इन हमलों में कम से कम 67 लोग मारे गए हैं।

हालांकि, अभी तक अभियान और उसके लक्ष्यों के बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मंगलवार को हमलों की कुल संख्या 200 से अधिक बताई है। लेविट ने कहा, ‘इन हमलों के परिणामस्वरूप ईरान अविश्वसनीय रूप से कमजोर हो गया है और हमने देखा है कि उन्होंने हूती नेताओं को मार गिराया है।’

हालांकि, हूती विद्रोहियों ने अभी तक अपने किसी भी नेता की मौत की बात स्वीकार नहीं की है, उधर अमेरिका ने भी किसी भी मारे गए विद्रोही नेता का नाम उजागर नहीं किया है। हालांकि, ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के लीक होने पर यह जानकारी सामने आई है कि विद्रोहियों के मिसाइल बल के एक नेता को निशाना बनाया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *