देहरादून। शहर में घर-घर कूड़ा उठान व्यवस्था बनाना नगर निगम के लिए चुनौती बना हुआ है। इकोन वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी को आवंटित वार्डों में कूड़ा उठान व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। यही नहीं, महापौर के निवास के आसपास के वार्डों में भी वाहन नियमित नहीं आ रहे हैं। लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। हालांकि, अब नगर निगम जल्द इकोन वेस्ट मैनेजमेंट को बाहर का रास्ता दिखा सकता है। टेंडर फर्जीवाड़े के उजागर होने के बाद निगम में भी जांच की जा रही है।
साथ ही कूड़ा उठान नियमित न करने पर कंपनी को बाहर कर 26 वार्डों में नगर निगम खुद ही व्यवस्था संभालेगा। इसके साथ ही निगम को अब 73 वार्ड में कूड़ा उठान व्यवस्था स्वयं बनानी होगी।वाटरग्रेस कंपनी को बाहर कर नगर निगम 47 वार्डों में घर-घर कूड़ा उठान व्यवस्था संभाल रहा है और अब इन वार्डों में स्थिति में सुधार आने लगा है। हालांकि, इकोन को आवंटित 26 वार्डों में व्यवस्था दिन-ब-दिन पटरी से उतर रही है।
कर्मचारियों को वेतन भुगतान समय पर न किए जाने और कूड़ा उठान वाहनों की निगरानी न होने के कारण वार्डों में 10 से 15 दिन में वाहन पहुंच रहे हैं। जिससे लोग नगर निगम को कोस रहे हैं। इसके अलावा इकोन कंपनी के टेंडर में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद कंपनी को हटाने की तैयारी की जा रही है।कंपनी कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर टेंडर प्राप्त कर कार्य कर रही थी और नगर निगम की ओर से भारी-भरकम भुगतान किया जा रहा था। मामले में स्वास्थ्य और वित्त अनुभाग के अधिकारियों की मिलीभगत की भी पुष्टि हुई है।
प्रशासन के स्तर पर गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट में इकोन कंपनी को टेंडर देने में फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई है और नगर निगम के कार्मिकों की भी मिलीभगत के कारण कार्रवाई की संस्तुति की गई है। अब नगर निगम स्वयं भी इस मामले की जांच में जुट गया है। समिति गठित कर प्रकरण के सभी बिंदुओं की आख्या तैयार की जा रही है।
घर-घर कूड़ा उठान कंपनी की हीलाहवाली के चलते कई बड़े वार्डों में व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। हैरानी की बात तो यह है कि महापौर के निवास के आसपास के वार्डों में भी वाहन नियमित नहीं आ रहे हैं। महापौर सौरभ थपलियाल मोहकमपुर क्षेत्र में रहते है। पास ही नकरौंदा, मियांवाला, बालावाला आदि वार्ड हैं, जहां कूड़ा उठान वाहन एक से दो सप्ताह में पहुंचने की शिकायत मिल रही है।