साल का पहला सूर्य ग्रहण

नई दिल्ली : साल का पहला सूर्य ग्रहण लग रहा है। यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। यह ग्रहण वैज्ञानिक और ज्योतिषीय दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। कुछ राशियों पर इसका असर पड़ सकता है, जबकि खगोल प्रेमियों के लिए यह एक खास खगोलीय घटना होगी।

यह सूर्य ग्रहण मीन राशि और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में लगेगा। इस दिन मीन राशि में सूर्य और राहु के अतिरिक्त शुक्र, बुध और चंद्रमा उपस्थित होंगे। इससे द्वादश भाव में शनि महाराज विराजमान होंगे। इससे तीसरे भाव में वृषभ राशि में बृहस्पति, चौथे भाव में मिथुन राशि में मंगल और सप्तम भाव में कन्या राशि में केतु महाराज विराजमान होंगे।

कन्या राशि के जातकों के लिए सूर्य ग्रहण और शनि के गोचर का प्रभाव थोड़ा असंतुलित रहेगा। इस समय आपको अपनी जिम्मेदारियों में संतुलन बनाने की आवश्यकता होगी। शनि का मीन राशि में गोचर आपकी शिक्षा और ज्ञान में नई दिशा दे सकता है, जबकि सूर्य ग्रहण आपके मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। आपको इस समय आत्म-विश्लेषण और ध्यान की आवश्यकता होगी।

सिंह राशि के लिए यह समय सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा। शनि का मीन राशि में गोचर आपके कामकाजी जीवन में नई दिशा दे सकता है। सूर्य ग्रहण का प्रभाव आपके आत्मविश्वास पर भी पड़ेगा। यह समय आपके लिए मेहनत का समय रहेगा, जिसमें आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए ज्यादा प्रयास करना पड़ेगा।

कर्क राशि वालों के लिए सूर्य ग्रहण और शनि के गोचर का असर विशेष रूप से व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य पर पड़ेगा। शनि के मीन राशि में गोचर से आपको अपने पारिवारिक जीवन में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यह समय आपको मानसिक शांति और संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगा। स्वास्थ्य के लिहाज से यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, इसलिए अपनी सेहत का ध्यान रखें।

मिथुन राशि के जातकों के लिए सूर्य ग्रहण और शनि के गोचर का प्रभाव कुछ हद तक अनुकूल रहेगा। इस दौरान आपको करियर में नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन शनि का मीन राशि में गोचर आपको थोड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगा। स्वास्थ्य के मामले में सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। सूर्य ग्रहण के कारण आपको अपने निर्णयों में स्पष्टता की कमी हो सकती है, इसलिए सोच-समझकर कदम बढ़ाएं।

वृष राशि के लिए यह समय नए अवसरों के साथ आएगा। शनि के मीन राशि में गोचर से आपको अपने परिवार के प्रति जिम्मेदारी बढ़ेगी। हालांकि, सूर्य ग्रहण के कारण कुछ पारिवारिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जिनका समाधान आपको शांति और संयम से करना होगा। आर्थिक दृष्टि से यह समय स्थिर रहेगा।

मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य ग्रहण और शनि के गोचर का प्रभाव मिलाजुला रहेगा। इस समय आपको कार्यक्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। शनि के मीन राशि में गोचर से आपकी सेहत पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए आपको अपनी सेहत का ध्यान रखना होगा। सूर्य ग्रहण के कारण आपको किसी गलत निर्णय से बचने के लिए आत्मनिरीक्षण की आवश्यकता होगी।

ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ नहीं करने के पीछे धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं हैं। माना जाता है कि इस समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा अत्यधिक सक्रिय हो जाती है, जिससे सकारात्मक शक्तियां कमजोर पड़ जाती हैं। इस कारण देवताओं की कृपा प्राप्त करने के लिए किए जाने वाले पूजा-पाठ का उचित फल नहीं मिलता।

धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख है कि जब सूर्य या चंद्र ग्रहण के प्रभाव में होते हैं, तो उनकी शक्ति क्षीण हो जाती है, जिससे इस दौरान की गई उपासना निष्फल हो सकती है। इसी कारण हिंदू धर्म में ग्रहण काल को अशुभ माना गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान सूर्य देव या चंद्र देव राहु-केतु के प्रभाव में आ जाते हैं। इससे उनकी शक्ति क्षीण हो जाती है और चारों ओर नकारात्मकता फैलने लगती है। यही कारण है कि इस समय को अशुभ माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार, ग्रहण के दौरान आसुरी शक्तियां प्रभावी हो जाती हैं, जिससे शुभ कार्यों में विघ्न पड़ सकता है।

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