एनडीडी की जिला स्तरीय अंतरविभागीय बैठक संपन्न
965 स्कूल-कॉलेज एवं 692 आंगनबाड़ी केंद्रों में खिलाई जाएगी दवा
08 अप्रैल को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस, 16 अप्रैल को होगा मॉप अप डे
रुद्रप्रयाग: आगामी 08 अप्रैल को होने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तैयारियों हेतु जिला स्तरीय अन्तर्विभागीय समन्वय बैठक में 1-19 वर्ष आयु वर्ग के 57,439 बच्चों को कृमि नाशक दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 08 अप्रैल के सफल आयोजन हेतु स्वास्थ्य, शिक्षा विभाग, बाल विकास विभाग, उच्च शिक्षा, तकनीकि शिक्षा विभाग व निजी विद्यालयों की भूमिकाओं को लेकर चर्चा की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राम प्रकाश ने कृमि मुक्ति दिवस में स्वास्थ्य, शिक्षा, बाल विकास की भूमिका की जानकारी देते हुए अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों के आपसी समन्वय की मजबूती पर जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि आगामी 08 अप्रैल को जनपद में 965 स्कूलों सहित समस्त शिक्षण संस्थानों एवं 692 आंगनबाड़ी केंद्र में 01 से 19 आयु वर्ग के 57439े बच्चों को कृमिनाशक दवा ‘‘एल्वेंडाजॉल‘‘ की दवा खिलाई जाएगी।
उन्होंने शिक्षा विभाग, बाल विकास विभाग के साथ-साथ निजी स्कूलों के प्रबंधक/संचालकों से अपने संस्थान में लक्षित आयु वर्ग के सभी बच्चों को कृमि नाशक दवा खिलवाकर उक्त अभियान को सफल बनाने की अपील करते हुए बताया कि कृमि मुक्ति दिवस पर किसी कारण कृमि नाशक दवा खाने से छूटे लक्षित आयु वर्ग के बच्चों को 16 अप्रैल को होने वाले एनडीडी मॉप अप डे पर कृमि नाशक दवा खिलाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि कृमि बच्चों के शरीर में महत्वपूर्ण पोषक तत्वों को खा लेते है, जिससे बच्चों के शरीर में खून की कमी, कुपोषण और उनकी वृद्धि और विकास में रूकावट आ जाती है। नतीजतन बच्चों की सेहत, शिक्षा और कार्यक्षमता पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकता हैं। बताया कि कृमि नाशक दवा खाने से रोग प्रतिरोधक शक्ति में वृद्धि होती है, स्वास्थ्य और पोषण में सुधार होने के साथ-साथ एनीमिया में नियंत्रण आदि फायदे होते हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. रुचिका भट्ट ने कृमिनाशक दवा एल्बेडाजौल गोली की खुराक व सेवन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 1-2 आयु के बच्चों को आधी गोली दो चम्मच के बीच रखकर पूरी तरह चूरा कर खिलाएं, 2-3 वर्ष के बच्चों को एक पूरी गोली को दो चम्मच के बीच रखकर पूरी तरह से चूरा कर खिलाएं तथा 3-19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पूरी गोली चबाकर खाने की सलाह के साथ खिलाएं।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी अजय कुमार चैैधरी, खंड शिक्षा अधिकारी यशवीर सिंह रावत, बाल विकास परियोजना अधिकारी देवेश्वरी कुंवर, निजी विद्यालयों के संगठन के प्रतिनिधि मिक्की सिंधवाल, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डाॅ. खुशपाल, नगर पालिका से महेश चंद्र, एनडीडी कार्यक्रम समन्वयक/काउंसलर आरकेएसके विपिन सेमवाल, जिला समन्वयक पीएम पोषण गणेश प्रसाद, बीपीएम अमित मैठाणी, बीसीएम दिंगबर भंडारी, दिगपाल सिंह कंडारी, सुमन जुगराण आदि मौजूद रहे।